अब तक महाकुंभ में 31 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में इन दिनों महाकुंभ मेला चल रहा है. महाकुंभ में अब तक 31 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं. वहीं, आज दिनभर महाकुंभ में दुनियाभर के राजनयिकों का बड़ा जमावड़ा रहेगा. 73 देशों के राजनयिक समेत 118 विशिष्ट अतिथि महाकुंभ मेले में पहुंच गए हैं. भारत में जापान के राजदूत केइची ओनो ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं कि मुझे मेले में जाने का मौका मिल रहा है. महाकुंभ मेले का आज 73 देशों के राजनयिक समेत 118 विशिष्ट अतिथि पहुंच गए हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह दौरा भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को करीब से देखने का एक अनूठा अवसर होगा. इसमें जापान, रूस, दक्षिण अमेरिका, मैक्सिको, अफ्रीका, इटली, यूक्रेन, जर्मनी और नेपाल समेत कई देशों के राजनयिक शामिल हैं. हालांकि, कुछ देशों के राजनयिकों ने महाकुंभ आने के कार्यक्रम को रद्द कर दिया है.
प्रतिनिधिमंडल संगम में करेगा स्नान
कार्यक्रम रद्द करने वालों देशों में अमेरिका, फ्रांस, इंग्लैंड और चीन के राजनयिकों का नाम शामिल हैं. विदेशी मेहमानों को लेकर मेला प्रबंधन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं. प्रयागराज एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद सभी राजनयिकों को बस के जरिए सबसे पहले महाकुंभ मेले के अस्थाई सर्किट हाउस लाया गया है. इसके बाद राजनयिकों का प्रतिनिधिमंडल संगम में स्नान के लिए जाएगा और फिर मंदिर में पूजा-अर्चना में शामिल होगा.
जापान के राजदूत केइची ने जाहिर की उत्सुकता
भारत में जापान के राजदूत केइची ओनो ने महाकुंभ मेले को उत्सुकता जाहिर की है. उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय ने उनके लिए महाकुंभ की यात्रा व्यवस्था की है. महाकुंभ मेला बहुत खास है. मैं हिंदू संस्कृति को समझने के लिए वहां जाने के लिए उत्सुक हूं. इसी के साथ एस्टोनिया की राजदूत मार्जे लूप ने भी महाकुंभ मेले को लेकर अपनी खुशी जाहिर की है. सरकार ने विदेशी मेहमान के लिए अपनी तैयारी पूरी कर ली है.
पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बना रीवा, केमिकल-फ्री रंगों की बढ़ी मांग
एमपी में बड़ा खुलासा: दमोह में फर्जी पासपोर्ट, जबलपुर में गिरफ्तारी
स्थानीय निकायों को सौंपी जाएगी बड़ी जिम्मेदारी
लव मैरिज से नाराज़गी इतनी कि पिता ने खुद चलवा दी JCB, दामाद बेघर
विधानसभा में सरकार के जवाब से बढ़ा विवाद
जेलों में क्षमता से अधिक कैदी, बढ़ी भीड़भाड़
स्कूल प्रबंधन और आपूर्तिकर्ताओं पर उठे सवाल
कैचमेंट एरिया में बाउंड्री वॉल और अवैध कॉलोनियों की जांच