पिता को खोने का गम: बॉबी देओल का बयान, परिवार की एकजुटता पर दिया संदेश
माता-पिता को खोने का दुख अक्सर रिश्तों को बदल देता है, और बॉबी देओल के लिए भी ऐसा ही हुआ। बॉबी देओल ने खुलासा किया कि कैसे उनके निधन के बाद परिवार में चीजें बदली। उन्होंने बताया कि पिता धर्मेंद्र के निधन के बाद परिवार के रिश्ते और मजबूत हो गए हैं।
काश मैं उनके साथ और समय बिताता
हाल ही में एक इंटरव्यू में बॉबी ने पिछले साल नवंबर में अपने पिता के जाने के बाद के दुख के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने माना कि उनके मन में एक अफसोस भी है। उन्होंने कहा, ‘कई ऐसे दिन आते हैं जब मुझे लगता है कि काश मैं उनके साथ और समय बिताता। काश मैं उनसे और सवाल पूछता।’बॉबी ने यह भी बताया कि इस दुख ने उन्हें अपनी बहनों ईशा देओल और अहाना देओल के और करीब ला दिया है। इस मुश्किल समय को साथ में झेलने से उनके रिश्ते और गहरे हुए हैं, भले ही हर कोई अपने-अपने तरीके से इस दुख से गुजर रहा है।
खोने का दर्द परिवार को और करीब लाता है
उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है हम सभी इसे अपने-अपने तरीके से संभाल रहे हैं। कभी-कभी हम एक-दूसरे को गलत समझ लेते हैं, क्योंकि हम सब दुख में हैं… हर किसी को लगता है कि उसका दर्द सबसे ज्यादा है।’हीलिंग के बारे में बात करते हुए उन्होंने आगे कहा, ‘लेकिन समय देना जरूरी है। उसे भरने दीजिए… खोने का दर्द अपने तरीके से परिवार को और करीब ले आता है।’
बॉबी देओल का वर्कफ्रंट
बॉबी देओल की पाइपलाइन में कई फिल्में हैं। जिनमें ‘जन नायकन’ जो इस साल की शुरुआत में रिलीज होने वाली थी, लेकिन अभी तक अटकी हुई है। इसके अलावा यशराज के स्पाई यूनिवर्स की ‘अल्फा’ भी है। इसमें उनके साथ आलिया भट्ट और शरवरी वाघ प्रमुख भूमिकाओं में दिखेंगी।फिलहाल बॉबी देओल अनुराग कश्यप की क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘बंदर’ की रिलीज की तैयारी में जुटे हैं। यह फिल्म 22 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म को कई फिल्म फेस्टिवल्स में काफी सराहा गया है।
भगवान विष्णु का मोहिनी स्वरूप: समुद्र मंथन की कथा और एकादशी व्रत का महत्व
सफलता का मंत्र: पूर्व दिशा में सिर रखकर सोने से आती है वैचारिक स्पष्टता और ऊर्जा
विज्ञान के परे विश्वास: पानी में नहीं डूबता यह भारी पत्थर, श्रद्धालु मानते हैं साक्षात चमत्कार
अक्षय तृतीया आज: खरीदारी का महामुहूर्त, जानें पूजा विधि और महत्व
विश्व धरोहर दिवस पर रायपुर में सजी विरासत की अनोखी झलक, संरक्षण पर विशेषज्ञों का मंथन
बंदूक से विकास की ओर: सुकमा के तुंगल इको-पर्यटन केंद्र की प्रेरक कहानी
उमरिया जिले की पूजा सिंह ने रची आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी