‘लाशों का हिसाब’ खोल रहा राज: अस्पतालों में कथित गड़बड़ियों की परतें उधेड़ रही पुलिस
कानपुर | पिछले तीन साल में कल्याणपुर, काकादेव, रावतपुर, पनकी क्षेत्र के जिन नर्सिंगहोम में बवाल और हंगामा हुआ था, उनकी डिटेल जुटाई जा रही है। पुलिस वहां जान गंवाने वाले मरीजों की जानकारी एकत्रित कर रही है। पुलिस को ऐसे मरीजों के किडनी डोनर और रिसीवर होने की संभावना है। इसके साक्ष्य आरोपियों से पूछताछ में सामने आए हैं। पुलिस उनके पूर्व के नर्सिंगहोम संचालकों से पूछताछ कर सकती है।केशवपुरम, मसवानपुर, रावतपुर, पनकी, सचेंडी, काकादेव के कई नर्सिंगहोम में मरीजों की मौत हो चुकी है। यहां परिजनों ने हंगामा किया था जिसके बाद पुलिस ने मामला शांत कराया। कुछ नर्सिंगहोम के खिलाफ कार्रवाई भी हुई थी। उनको सीज किया गया था लेकिन कुछ महीने बाद फिर से संचालित हो गए थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शहर में 2023 से अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट होने की जानकारी हुई है।
कुछ नर्सिंगहोम का इशारा किया, लेकिन वह अब बंद हो चुके हैं
यह सर्जरी कल्याणपुर, काकादेव, रावतपुर और पनकी क्षेत्र में होने की आशंका है। इसकी पुष्टि अब तक नहीं हुई है। जेल गए शिवम अग्रवाल, परवेज सैफी, रोहित तिवारी ने कुछ नर्सिंगहोम का इशारा किया है, लेकिन वह अब बंद हो चुके हैं। उनकी जगह दूसरे नर्सिंगहोम संचालित हो रहे हैं या संचालक बदल गए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आहूजा हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट होता था।
डोनर और किडनी रोगियों की जुटाई जा रही है जानकारी
इसके बाद किडनी रोगी और डोनर को अलग-अलग अस्पतालों में रखा जाता था। यहां के पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य स्टाफ को मरीज के गालब्लाडर, पेट में गांठ, हार्निया आदि की दिक्कत बताई जाती थी। केवल निर्धारित पैरामेडिकल स्टाफ ही उसकी देखरेख और दवाओं को ब्योरा रखता था। ऐसे डोनर और किडनी रोगियों की जानकारी के लिए 2023 से अब तक इन क्षेत्रों के नर्सिंगहोम की जानकारी जुटाई जा रही है।तीन साल में कल्याणपुर, रावतपुर, पनकी, काकादेव के जिन नर्सिंगहोम में बवाल हुए थे उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। वहां मरने वाले की डिटेल तैयार हो रही है। उससे काफी कुछ जानकारी हासिल हो सकेगी। -एसएम कासिम आबिदी, डीसीपी पश्चिम
मामले में टीमें हरदोई और प्रयागराज रवाना
कानपुर शहर में अवैध तरीके से हुए किडनी ट्रांसप्लांट के फरार आरोपी नवीन पांडेय और शिवम यादव की तलाश तेज हो गई है। पुलिस की दो टीमें हरदोई और प्रयागराज के लिए रवाना हुई हैं। शिवम यादव ट्रांसप्लांट में दवाएं, इंजेक्शन और अन्य सामान मुहैया कराता था, जबकि नवीन पांडेय की गिरफ्तारी से अन्य डोनर व रिसीवर की जानकारी सामने आ जाएगी।
अलग-अलग शहरों के थे डोनर
कमिश्नरी पुलिस को शिवम अग्रवाल, परवेज सैफी और रोहित तिवारी से कई जानकारियां मिली हैं जिस पर नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि शिवम अग्रवाल, परवेज सैफी के बाद रोहित तिवारी ने भी नवीन पांडेय के बारे में कई जानकारी दी हैं। उसने कई किडनी रोगियों को डोनर दिलाए हैं।
रोहित तिवारी ने शिवम अग्रवाल के बारे में बताया
यह डोनर अलग-अलग शहरों के थे। उनको दिल्ली एनसीआर में ले जाया गया था। नवीन पांडेय के पकड़े जाने से शहर के अन्य नर्सिंगहोम में हुए किडनी ट्रांसप्लांट की जानकारी सामने आ जाएगी। रोहित तिवारी ने हरदोई के बिलग्राम के शिवम अग्रवाल के बारे में बताया है। उसका कहना है कि शिवम अग्रवाल ही ट्रांसप्लांट के लिए दवाएं, इंजेक्शन और अन्य उपकरण लेकर आता था।
शिवम और रोहित का कस्टडी रिमांड लेगी पुलिस
सर्जरी मुदस्सर अली सिद्दीकी करता था। एनेस्थीसिया देने की जिम्मेदारी कुलदीप सिंह राघव और राजेश तोमर पर थी। शिवम यादव की तलाश में टीमें हरदोई और नवीन पांडेय के लिए प्रयागराज के लिए रवाना हो गई हैं। पुलिस शिवम अग्रवाल और रोहित तिवारी का पुलिस कस्टडी रिमांड लेगी।
अब तक 10 आरोपी गए जेल
अवैध तरीके से हुए किडनी ट्रांसप्लांट मामले में डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा, डॉ. प्रीति आहूजा, शिवम अग्रवाल, राजेश कुमार, राम प्रकाश कुशवाहा, नरेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, राजेश तोमर, परवेज सैफी और रोहित तिवारी जेल गए हैं। डॉ. वैभव, डॉ. अफजल, मुदस्सर अली सिद्दीकी, डॉ. अमित, नवीन पांडेय, शिवम यादव समेत लखनऊ के कुछ डॉक्टरों की तलाश है।
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