ऑनलाइन शादी का जाल: लड़कियां बनती थीं दुल्हन, ऐसे हुआ करोड़ों का घोटाला
रायगढ़ | फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर चल रहे रैकेट का खुलासा हुआ है. जांच में सामने आया कि दरोगा पारा स्थित एक केंद्र में बाहर से लोक सेवा केंद्र का काम दिखाया जा रहा था, जबकि अंदर कॉल सेंटर संचालित कर देशभर के लोगों को शादी का झांसा देकर पैसे वसूले जा रहे थे. पुलिस ने इस मामले में 25 युवतियों समेत 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
दुल्हन बन बात करती थीं लड़कियां
पुलिस के अनुसार कॉल सेंटर में काम कर रहीं युवतियां खुद को संभावित दुल्हन बताकर लोगों से बातचीत करती थीं. इसके लिए उन्हें पहले से तय स्क्रिप्ट और विशेष प्रशिक्षण दिया गया था. पहले सामान्य और भावनात्मक बातचीत से भरोसा बनाया जाता, फिर रिश्ते को आगे बढ़ाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन, मीटिंग और परिवार से मुलाकात के बहाने पैसे मांगे जाते थे.
झांसा देकर करोड़ों की ठगी
एक पीड़ित ने बताया कि उससे कई दिनों तक लगातार बात की गई और शादी तय होने का भरोसा दिलाया गया. इसके बाद अलग-अलग कारण बताकर किस्तों में पैसे जमा कराए गए और अचानक संपर्क तोड़ दिया गया. पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी कपिल गर्ग ने लोक सेवा केंद्र की आईडी निरस्त होने के बाद इस नेटवर्क को खड़ा किया. मामले में धोखाधड़ी, संगठित अपराध और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है.
‘मैट्रिमोनियल सिंडिकेट’ का कैसे हुआ भंडाफोड़
जानिए कैसे होती थी ठगी पुलिस की पूछताछ में जैसे-जैसे परतें खुलती गई, एक संयोजित अपराध की कहानी सामने आती गई. यह गिरोह पहले सोशल मीडिया और यू ट्यूब पर आकर्षक प्रोफाइल्स बनाता था. सुंदर तस्वीरें, भावनात्मक परिचय और भरोसा पैदा करने वाले वीडियो अपलोड किए जाते थे. हर वीडियो के साथ एक संपर्क नंबर साझा किया जाता था.
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