डॉक्टरों की बड़ी चूक, ऑपरेशन के बाद महिला के शरीर
दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले से डॉक्टरों की गंभीर लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक प्रसूता महिला के ऑपरेशन के बाद उसके पेट में सर्जिकल ग्लव ही छोड़ दिया गया. सर्जरी के बाद महिला को लगातार तेज दर्द होने लगा और वह लंबे समय तक असहनीय पीड़ा झेलती रही. परिवार के लोग भी उसकी हालत को लेकर परेशान रहे और इलाज के लिए जगह-जगह भटकते रहे. हालात इतने बिगड़ गए कि इलाज का खर्च उठाने के लिए परिजनों को अपनी पुश्तैनी दो एकड़ जमीन तक बेचनी पड़ी।
ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत
जानकारी के मुताबिक, तेजगढ़ क्षेत्र की रहने वाली महिला का 13 मई 2025 को दमोह जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान ऑपरेशन किया गया था. ऑपरेशन के दौरान जटिलताएं आने से नवजात की मौत हो गई और डॉक्टरों को महिला की बच्चेदानी भी निकालनी पड़ी. सर्जरी के कुछ दिनों बाद ही महिला को पेट में तेज दर्द शुरू हो गया, जो समय के साथ बढ़ता गया।
भोपाल में जांच से खुला राज
महिला के पति मनोज ने बताया कि 18 फरवरी को वे पत्नी को लेकर भोपाल के एक निजी अस्पताल पहुंचे. यहां जांच के दौरान डॉक्टर यह देखकर हैरान रह गए कि महिला के पेट में सर्जिकल ग्लव मौजूद है. इसके बाद यह साफ हो गया कि दमोह जिला अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों से बड़ी चूक हुई थी, जिसके कारण महिला लंबे समय तक दर्द से जूझती रही।
दोबारा सर्जरी से मिली राहत
भोपाल के अस्पताल में दोबारा ऑपरेशन कर महिला के पेट से ग्लव निकाला गया, जिसके बाद उसे राहत मिली. इस पूरे मामले को लेकर परिजनों ने संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. भोपाल के कोहेफिजा थाने में दमोह जिला अस्पताल के डॉक्टर आर कुमार, डॉ. सीमा पटेल और डॉ. यू तंतुवाय के खिलाफ शिकायत की गई है।
इलाज में खर्च हुए लाखों रुपए
परिजनों के अनुसार, पिछले करीब दस महीनों में उन्होंने दमोह और जबलपुर के कई अस्पतालों में इलाज कराया. आयुष्मान कार्ड से कुछ मदद जरूर मिली, लेकिन इसके अलावा करीब आठ लाख रुपए खर्च करने पड़े. आर्थिक तंगी के चलते उन्हें अपनी दो एकड़ जमीन तक बेचनी पड़ी, तब जाकर महिला का इलाज संभव हो सका।
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