कोरबा कलेक्ट्रेट में नगर सेना जवान ने किया आत्महत्या का प्रयास, सुसाइड नोट में प्रताड़ना का आरोप
कोरबा : नगर सेना जवान आत्महत्या प्रयास का मामला गणतंत्र दिवस के मौके पर उस समय सामने आया, जब कलेक्ट्रेट परिसर में अचानक हड़कंप मच गया। नगर सेना में कार्यरत जवान संतोष पटेल ने कथित तौर पर परिसर के भीतर जहर सेवन कर आत्महत्या करने की कोशिश की। इस घटना के बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल जवान का इलाज जारी है और डॉक्टरों की निगरानी में उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। जवान के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है, जिसमें उन्होंने इस आत्मघाती कदम के पीछे के कारणों का उल्लेख किया है। सुसाइड नोट में संतोष पटेल ने डिविजनल कमांडेंट और कोरबा कमांडेंट पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
मिली जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले जिला सेनानी के खिलाफ महिला सैनिकों द्वारा विशाखा समिति में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस शिकायत के बाद संतोष पटेल को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई से वह मानसिक रूप से काफी आहत थे, जिसके चलते उन्होंने यह आत्महत्या का प्रयास किया।
पुलिस ने सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपों की सत्यता की गहन जांच की जाएगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर भी इस गंभीर मामले को लेकर आवश्यक कदम उठाने की तैयारी की जा रही है।
कोरबा नगर सेना जवान आत्महत्या प्रयास की यह घटना प्रशासनिक व्यवस्था और मानसिक दबाव से जुड़े मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं और जवान के स्वास्थ्य को लेकर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्कृष्ट गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से रोशन हो रहा प्रदेश का भविष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
धमतरी में ‘STREE’ परियोजना का शुभारंभ: 300 ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा आत्मनिर्भरता का नया रास्ता
केरल के मुख्य सचिव डॉ. ए. जयतिलक का छत्तीसगढ़ दौरा
प्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बनेगा देश का अग्रणी राज्य : मंत्री शुक्ला
किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कटे होंठ से टूटी हिम्मत तक… एक ऑपरेशन और बदल गई जिंदगी
दशकों के अंधेरे से उजियारे में आया गारपा, नियद नेल्लानार योजना से पहली बार घर-घर पहुँची बिजली
नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति पर मंथन