एमनेस्टी रिपोर्ट: बड़े पैमाने पर निगरानी और सेंसरशिप में चीन को विदेशी कंपनियों का सहारा
व्यापार: पाकिस्तान में बढ़ती व्यापक निगरानी और ऑनलाइन सेंसरशिप के बुनियादी ढांचे को चीन, यूरोप, उत्तरी अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में स्थित आईटी कंपनियों की एक वैश्विक वेब की आरे से संचालित किया जा रहा है। एमनेस्टी इंटरनेशनल की मंगलवार को जारी एक नई रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
"शैडोज ऑफ कंट्रोल" शीर्षक वाली रिपोर्ट में बताया गया है कि किस प्रकार विदेशी कंपनियों की सहायता से देश में अत्याधुनिक निगरानी उपकरण तैनात किए जा रहे हैं। इससे पाकिस्तानी अधिकारियों को अभूतपूर्व पैमाने पर डिजिटल संचार की निगरानी, सेंसर और नियंत्रण करने की अनुमति मिल रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मानवाधिकार संगठनों के सहयोग से एक वर्ष से अधिक समय तक की गई जांच से पता चला है कि कैसे पाकिस्तानी अधिकारी दो मुख्य प्रणालियों, वेब मॉनिटरिंग सिस्टम (डब्ल्यूएमएस 2.0) और वैध इंटरसेप्ट मैनेजमेंट सिस्टम ( एलआईएमएस ) का उपयोग व्यापक निगरानी करने और ऑनलाइन सामग्री को सेंसर करने के लिए कर रहे हैं, जिसमें वस्तुतः कोई निरीक्षण या पारदर्शिता नहीं है।
एमनेस्टी के अनुसार , पाकिस्तान का WMS 2.0 एक राष्ट्रव्यापी फ़ायरवॉल के रूप में कार्य करता है, जो इंटरनेट तक पहुंच और राज्य द्वारा "गैरकानूनी" समझी जाने वाली विशिष्ट ऑनलाइन सामग्री को अवरुद्ध करने में सक्षम है।
सुशासन तिहार में सुलझी किसान की समस्या
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना
स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनसुविधा से जुड़ी समस्याओं में कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
राज्यपाल रमेन डेका ने जल संरक्षण और जनकल्याण पर दिया जोर
गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप
एमपी ट्रांसको ने जुलवानिया सब स्टेशन में ऊजीकृत किया 40 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर