Rinku Singh का टूट सकता है सरकारी अफसर बनने का सपना
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज और आईपीएल में धूम मचाने वाले रिंकू सिंह को यूपी सरकार से बड़ा तोहफा मिला। खेल जगत में उनकी कामयाबी को देखते हुए उन्हें खेल कोटा से बेसिक शिक्षक अधिकारी (BSA) बनाने का फैसला लिया गया है।
उन्हें खेल क्षेत्र में इंटरनेशनल पदक जीतने पर यह नियुक्ति मल रही है, लेकिन अभी रिंकू को बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) बनाना फिलहाल आसान नहीं दिख रहा है। आइए जानते हैं इसके पीछे की प्रमुख वजह क्या है?
रिंकू सिंह के सरकारी अफसर बनने में आ रही बड़ी रुकावट
दरअसल, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर रिंकू सिंह को खेल जगत में उनकी शानदार उपलब्धियों और उनके योगदान के लिए सीधी भर्ती नियमावली 2022 के तहत बेसिक शिक्षा अधिकारी बनाने का फैसला लिया गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने 25 जून को इसकी घोषणा की, जिसके बाद उनकी नियुक्ति की सारी प्रक्रिया शुरू हो गई हैं। बता दें कि रिंकू सिंह की हाल ही में सपा सांसद प्रिया सरोज से सगाई हुई है।
अब शादी से पहले रिंकू को सरकारी अफसर बनाए जाने का फैसला लिया गया, लेकिन उनका बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) बनने में कुछ रुकावट सामने आई है। नियमों की बात करें तो इस पद के लिए परास्नातक होना जरूरी है, जबकि रिंकू सिंह ने अभी हाईस्कूल तक ही पढ़ाई की है।
हालांकि, खिलाड़ियों को नियमों में कुछ छूट जरूर दी जाती है। रिंकू सिंह को 7 साल तक समय दिया जाएगा कि वह अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें, लेकिन रिंकू अगर पढ़ाई पूरी करते भी हैं तो पीजी डिग्री पाने में उन्हें कम से कम आठ साल लगेंगे। यानी छूट समय भी उनके लिए काफी नहीं होगा। इस वजह से इस पद के लिए उनकी तैनाती नियमों का अनुरूप नहीं बैठ रही।
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की योजना के तहत सात खिलाडि़यों को श्रेणी-2 अधिकारी बनाने की सिफारिश हुई है। इस लिस्ट में रिंकू सिंह का नाम भी शामिल है। हालांकि, उन्हें बीएसए बनाने के प्रस्ताव पर अभी तक विभाग में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
रिंकू की किसी दूसरे विभाग में पोस्टिंग की जाएगी?
रिंकू सिंह को सरकारी नौकरी जरूर दी जाएगी, लेकिन बीएसए जैसे शैक्षिक पद पर नहीं। इसलिए उनकी पोस्टिंग किसी और विभाग में किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
बुधवार को जब रिंकू सिंह समेत सात खिलाडि़यों की नियुक्ति से जुड़े पत्र इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुए तो पूरे मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई। लोगों ने सवाल उठाए कि क्या बिना जरूरी पढ़ाई किए कोई बीएसए बन सकता है?
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