हिमाचल में कुदरत का कहर: ब्रह्मगंगा और गोमती नदी में उफान, गांव खाली कराए गए
कुल्लू। जिला कुल्लू में भारी बारिश होने से कई इलाकों में बादल फटने से नुकसान हो गया है। मणिकर्ण घाटी के ब्रह्मगंगा, गड़सा घाटी की गोमती नदी में बादल फटे हैं। इसके अलावा सैंज घाटी के जीवा नाला सहित अन्य कई नालों में भी बादल फटा है, जिससे काफी नुकसान हुआ है। मणिकर्ण के साथ लगती ब्रह्मगंगा की पहाड़ियों में भारी बारिश होने से बादल फटा। बादल फटने से ब्रह्मगंगा नदी का जलस्तर बढ़ा। जिससे ब्रह्मगंगा के घरों में मलबा घुस गया है। वहीं, ग्रामीण अपने-अपने घरों से सुरक्षित जगहों की तरफ भाग गए।
बता दें कि पिछले कई सालों से ब्रह्मगंगा में बादल फटने का सिलसिला जारी है। यहां पर दो-तीन वर्ष पहले तो बाढ़ की भेंट लोग भी चढ़े हैं। जानी नुकसान हुआ है। वहीं, 2023 और 2024 में भी ब्रह्मगंगा में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। लेकिन इसके बावजूद भी शासन और प्रशासन यहां के इन घरों को सुरक्षित करने में नाकाम साबित हुए हैं। बरसात के दिनों में लोगों को घर छोड़कर भागना पड़ता है। वहीं, आज भी बरसात शुरू होने से पहले ही ब्रह्मगंगा में बादल फटा और भारी मलबा घरों में घुस गया है। ब्रह्मगंगा में अफरा-तफरी मची हुई है।
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