केरल में इंडिगो फ्लाइट से टकराया पक्षी, बड़ा हादसा होने से बचा
केरल के तिरूवनंतपुरम में एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। तिरूवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इंडिगो की एक उड़ान से पक्षी टकराने की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद फ्लाइट को रद्द कर दिया गया है। चिंता वाली बात ये भी थी कि जिस वक्त विमान से पक्षी टकराया तब विमान में कुल 179 यात्री सवार थे। आइए जानते हैं इस पूरी घटना के बारे में।
उड़ान भरने से ठीक पहले हुई घटना
विमान के साथ पक्षी टकराने का ये मामला केरल के तिरूवनंतपुरम में सोमवार की सुबह हुई है। अधिकारियों ने बताया है कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ये घटना उड़ान भरने से ठीक पहले हुई है। इस हादसे के वक्त विमान में 179 यात्री सवार थे। अधिकारियों के मुताबिक, तिरुवनंतपुरम से बेंगलुरु जा रही इंडिगो की एक उड़ान से एक पक्षी टकराने के बाद बेंगलुरु जाने वाली एक उड़ान रद्द कर दी गई।
जानें बर्ड हिट के बारे में
विमानों से पक्षियों के टकराने के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। जब कोई विमान किसी पक्षी से टकराता है तो इस घटना को बर्ड हिट या बर्ड स्ट्राइक का नाम दिया जाता है। दुनियाभर में बर्ड हिट की सैकड़ों घटनाएं देखने को मिल चुकी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पक्षियों के टक्कर से विश्व भर में 250 से ज्यादा विमान नष्ट हो चुके हैं। बीते साल दिसंबर महीने दक्षिण कोरिया में बर्ड हिट का मामला सामने आया था। इस कारण विमान में सवार 124 लोगों की जान चली गई थी।
विमान को क्या नुकसान होता है?
आम तौर पर विमान से पक्षियों के टकराने की घटनाएं एयरपोर्ट के आसपास होती है जब विमान लैंडिंग करने वाला होता है या उड़ान भरने वाला होता है। ऐसे समय में विमान कम ऊंचाई पर होता है, लिहाजा पक्षी आकर अक्सर उससे टकरा जाते हैं। कई बार पक्षियों के टक्कर से विमान को कुछ नहीं होता लेकिन क बार ये घातक भी हो जाता है। पक्षी के टकराने से विमान का इंजन अचानक बंद हो सकता है। कई बार इंजन पूरी तरह फेल हो सकता और उसमें आग तक लग सकती है। पक्षियों की टक्कर से विमान के पंखे का ब्लेड क्षतिग्रस्त होने का डर होता है। इससे इंजन फेल होने या उसमें आग लगने की घटना होने की संभावना रहती है।
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान
मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दे रहा है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव