रेलवे में तकनीकी क्रांति: AI और ML से लटके या टूटे पुर्जों की होगी तुरंत पहचान
भोपाल : सेवा दक्षता में सुधार करने और रोलिंग स्टॉक के रखरखाव को स्वचालित करने के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के अंतर्गत भारतीय रेलवे ने रोलिंग स्टॉक के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए मशीन विजन आधारित निरीक्षण प्रणाली (एमवीआईएस) की स्थापना के लिए समर्पित माल ढुलाई कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
एमवीआईएस एक आधुनिक, एआई/एमएल-आधारित प्रौद्योगिकी समाधान है जो चलती ट्रेनों के अंडर-गियर के उच्च-रिज़ॉल्यूशन छवियों को कैप्चर करता है और स्वचालित रूप से किसी भी हैंगिंग, ढीले या लापता घटकों का पता लगाता है। विसंगतियों का पता लगाने पर, सिस्टम त्वरित प्रतिक्रिया और कार्रवाई के लिए वास्तविक समय के अलर्ट चेतावनी देता है।
समझौता ज्ञापन पर औपचारिक रूप से रेलवे बोर्ड के निदेशक (परियोजना एवं विकास) श्री सुमित कुमार और डीएफसीसीआईएल के जीजीएम (मैकेनिकल) श्री जवाहर लाल ने रेल भवन नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर सदस्य (ट्रैक्शन एवं रोलिंग स्टॉक) श्री बी.एम. अग्रवाल, डीएफसीसीआईएल के प्रबंध निदेशक श्री प्रवीण कुमार और रेलवे बोर्ड तथा डीएफसीसीआईएल के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
एमओयू की शर्तों के अंतर्गत डीएफसीसीआईएल चार एमवीआई इकाइयों की खरीद, आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशन के लिए जिम्मेदार होगा। यह प्रणाली भारतीय रेलवे में पहली है। प्रौद्योगिकी से ट्रेन संचालन की सुरक्षा को बढ़ाने, मैनुअल निरीक्षण प्रयासों को कम करने और संभावित दुर्घटनाओं/सेवा व्यवधानों से बचने में मदद करने की उम्मीद है।
यह पहल रेलवे इकोसिस्टम के लिए आधुनिक, बुद्धिमान प्रणालियों को पेश करने के आईआर के व्यापक उद्देश्य के साथ भी संरेखित करती है। इस एमओयू पर हस्ताक्षर भविष्य के लिए तैयार रेल बुनियादी ढांचे के निर्माण में रेल सुरक्षा में डिजिटल परिवर्तन के लिए नई राह खोलेगी।
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